आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति ने Aap नेता को लिया आड़े हाथों, कहा : सवर्ण आयोग नहीं तो वोट नहीं।

सामान्य वर्ग के होने के बावजूद अरविंद केजरीवाल ने सामान्य वर्ग को लिया हल्के में, मिलेगा करारा जवाब : गुप्ता

उक्त खबर का महत्वपूर्ण वीडियो खबर के नीचे अंत में दिया गया है।

मोगा (हैप्पी ढंड) देश को आजाद हुए 74 साल हो गए हैं। और आजाद भारत मे संविधान को लागू हुए 72 वर्ष बीत चुके हैं।

लेकिन एक वर्ग को ऊंचा उठाने के लिए सामान्य वर्ग पर किए जा रहे अत्याचारों का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा। देश के राजनीतिज्ञों ने समय समय पर समान्य वर्ग के साथ कभी आरक्षण के नाम पर, तो कभी एससीएसटी के नाम पर, कभी मंडल आयोग, तो कभी अनुसूचित जाति, माइनॉरिटी के नाम पर पक्षपात किया है।

कभी किसी ने यह नही सोचा की पिछड़े वर्ग को आगे लाने के लिए, आरक्षण की नही, सरक्षण की जरूरत है। देश के 74 सालों के इतिहास में सरकारों ने जहां सामान्य वर्ग का जम कर गला घोंटा, वहीं देश की योग्यता को भी फांसी देने का काम किया है।

जिससे सामान्य वर्ग कि हालत बद से बद्दतर होती चली गई। सब्र के सभी बांध टूट जाने के बाद, सामान्य वर्ग ने आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति के नेतृत्व में, इंसाफ के लिए देश में आंदोलन शुरू कर दिए।

देश के कोने कोने से सामान्य वर्ग के लिए इंसाफ की आवाज बुलंद होने लगी। यहां तक कि सामान्य वर्ग ने आरक्षण, याँ ऐस सी ऐस टी जैसी सामान्य वर्ग पर चलने वाली तलवारों को भी अपने ऊपर चलने दिया, और अपने लिए सवर्ण आयोग बनवाने के लिए, सरकारों पर दबाव डालना शुरू कर दिया।

कोई सुनवाई ना होते देख, सामान्य वर्ग ने देशभर में सामान्य वर्ग से संबंधित सासंदों, विधायकों, उम्मीदवारों का विरोध शरू कर दिया। सामान्य वर्ग का मानना है की सामान्य वर्ग से होने के बावजूद भी सामान्य वर्ग के नेताओं ने उनकी बात ना तो कभी पार्लियामेंट में रखी, और ना ही सवर्णो के हित की कभी बात की।

देखते ही देखते देशभर में सामान्य वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों का विरोध होने लगा। बात यहां तक बढ़ गई की देशभर में सामान्य वर्ग ने सामान्य वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों का बहिष्कार कर दिया, और अपने घरों के बाहर सामान्य वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों के बहिष्कार के पोस्टर लगाने लगे।

उधर आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति ने, केंद्र सरकार सहित देश के सभी राज्यों की सरकारों से, सवर्ण आयोग की मांग कर डाली। सामान्य वर्ग को यह देख कर हैरानी हुई कि, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सामान्य वर्ग द्वारा भेजी ई मेल पर सुनवाई तो क्या करनी थी, जनाब ने मेल रिसीव तक नहीं की। उधर देश में पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को ताक पर रखते हुए सामान्य वर्ग ने एकजुटता दिखाते हुए, अपनी रणनीति तैयार कर ली।

 

आज मोगा में आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान, व टिकेट के मुख्य दावेदार, नवदीप संघा को सामान्य वर्ग के विरोध का सामना करना पड़ा। नवदीप संघा पार्टी प्रचार के लिए, सामान्य वर्ग के एरिया में बैठक करने पहुंचे तो, उन्हें सामान्य वर्ग के विरोध का सामना करना पड़ा। इस मौके आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय महासचिव, व पंजाब प्रदेश प्रभारी, साहिल गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल द्वारा सामान्य वर्ग की कीगई अनदेखी को आड़े हाथों लेते हुए, नवदीप संघा को खरी खोटी सुनादि। श्री गुप्ता ने स्पष्ट किया कि देश भर में सामान्य वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों का बहिष्कार किया गया है, लेकिन अनुसूचित जाति का स्वागत है।

आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता अभय कांत मिश्रा

उधर नवदीप संघा, आम आदमी पार्टी के सरपरस्त अरविंद केजरीवाल द्वारा, सामान्य वर्ग के सवर्ण आयोग की मांग को लेकर, दिए गए मांगपत्र पर कोई जवाब ना देने की बात पर, कोई तसल्लीबख्श जवाब नही दे पाए।

खबर का महत्वपूर्ण वीडियो।

रिपोर्टर : हैप्पी ढंड

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here