सपा महिलासभा अध्यक्ष पर हुए हमले में एक अभियुक्त पर मुकदमा पंजीकृत, धारा कम लगाकर अभियुक्त को बचाने का पुलिस पर आरोप

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वाराणसी, संवाददाता विशेष। समाजवादी पार्टी की महिलासभा अध्यक्ष पूजा यादव के वाहन को धक्का मारने एवं अभद्र व्यवहार करने एवं जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में समाजवादी पार्टी का प्रतिनधिमंडल सपा महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा के नेतृत्व में पुलिस उपायुक्त काशी जोन अमित कुमार से मिला था, जिसमे पुलिस ने काफी तत्परता दिखाते हुए आरोपी को खोज निकाला। आरोपी का नाम है सत्यप्रकाश सिंह निवासी भेलूपुर जिन्होंने समाजवादी पार्टी की महिलासभा अध्यक्ष पूजा यादव का वाहन रोककर गाली गलौज किया था व जाते जाते जान से मारने की धमकी भी दी थी की “अगर तुम महिला नही होती तो जान से मार देता”।
यह घटना दिनांक 22/06/ 2021 को सायं लगभग 04:30 बजे की है जिसपर अब मुकदमा भी लिखा जा चुका है लेकिन इसपर अब भी बवाल है।
पूजा यादव का आरोप है कि पुलिस ठीक प्रकार से कार्यवाही नही कर रही है ऐसा प्रतीत हो रहा कि पुलिस पर दबाव है, आरोपी सत्यप्रकाश सिंह ने दबाव बनाया है।
पूजा यादव ने बताया कि बीच सड़क में आरोपी मेरी गाड़ी को धक्का मारते हुए,मेरी गाड़ी को ओवरटेक कर के आगे आता है और नशे में धुत होकर गाली गलौज करता है, जान से मारने की धमकी देता है और मुकदमा दर्ज होता है सिर्फ 504 व 506 में।
पूजा यादव ने कहा कि इस संधर्भ में सपा महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा व महानगर उपाध्यक्ष अनील सिंह पटेल के साथ एसीपी कोतवाली ए०के० पाण्डेय व इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर महातम यादव से बात करने उनके आफिस पहुँची तो इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपी मांफी माँग रहा है, वहीँ एसीपी साहब भी समर्थन में हैं कि आप मांफ कर दीजिए व कोई सी सी टी वी फुटेज नही है आप लोगों के विवाद का और जब 323 धारा लगाने की बात हुई तो बोले कि वो नही लग सकता, असलहा थोडे नही पाया गया है, जब पूछा गया कि आरोपी तो धमकी देने के बाद भी खुलेआम घूम रहा है तो इंस्पेक्टर महातम यादव बोले कि घूमेगा नही तो क्या जेल में रहेगा।
पूजा यादव ने कहा कि इससे साफ जाहिर होता इसमें पुलिस की भूमिका भी आरोपी के साथ संदिग्ध है।
सपा महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने कहा कि अगर न्याय नही मिला तो इसकी शिकायत आलाधिकारियों से की जाएगी।

अब इसमें सोचने की बात ये है कि इंस्पेक्टर और एसीपी रैंक के अधिकारी जनप्रतिनिधियों से क्या इस प्रकार से बात कर सकते हैं, अगर आरोपी के पास असलहा रहा होता या गोली चली होती तभी आरोपी गिरफ्तार होता या धारा 323 लगाया जाता। अगर जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा हो सकता है तो आम आदमी के साथ क्या होता होगा।
सवालों के घेरे में है पुलिस जिसका पटाक्षेप तभी होगा जब उचित जवाब दिया जाएगा व कार्यवाही पुलिस विभाग द्वारा किया जाएगा।

 

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