साधना सिंह स्वप्निल (केंद्रीय कार्यालय) 14 सितंबर1949 संविधान सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया, हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा होंगी, देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा, इस दिन के महत्व को देखते हुए, हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह भारतीयों...
(केंद्रीय कार्यालय) लेखिका साधना सिंह -गोरखपुर : सारिका का बचपन एक संयुक्त परिवार में बीता था । सारिका एक सरकारी स्कुल में अध्यापिका थी, उसने अपने बच्चे को बहुत ही प्यार से पाला, आज वह बड़ा हो गया था, अब वह बोलता था कि आपने मेरे लिए किया ही...

कोमल मन

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लेखिका (साधना सिंह स्वप्निल) जूही अपनी बचपन की फ्रेंड सौम्या के घर गई डोरबेल बजा रही थी, पर दरवाजा कोई ना खोल रहा था, जूही कई बार डोर बेल बजाकर अब वापस लौटने ही वाली थी की तभी दरवाजा खुलता है... सामने सौम्या के बच्चों को देखकर मैंने पूछा ?...
लेखिका साधना सिंह -गोरखपुर नवरात्र का समय था और दीक्षा अपने काम में ऐसे व्यस्त थी जैसे लग रहा हो मानो आज माता रानी उसके ही घर आने आने वाली है ...। एयर फोन कान में लगाएं वह गाना सुनते सुनते काम में व्यस्त थी,..तभी उसके ससुर उसे आवाज देते...