देवभूमि जनहित पार्टी के सुप्रीमो की खालिस्तानियों को ललकार

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कहा : रात के अंधेरे में छुपछुपा कर आने की बजाय दिन में करें आमना-सामना

डलहौजी/सोलन (इंदरजीत सिंह) हिमाचल प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया जब धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मुख्य द्वार पर खालिस्तान के झंडे व दीवारों पर पंजाबी में खालिस्तान लिखा पाया गया।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मुख्य गेट पर लगाए गए खालिस्तानी झंडे

हालांकि बाद में पुलिस ने खालिस्तानी झंडो को उतार दिया, लेकिन खुफिया विभाग द्वारा 26 मार्च को हाई अलर्ट देकर हिमाचल प्रदेश सरकार को चेताने के बावजूद प्रदेश की सबसे महफूज जगह पर खालिस्तानी झंडे लगने की घटना से प्रदेश की कानून व सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आई है। वहीं इस घटना के बाद प्रदेश सहित देश भर में सत्ता के गलियारों से आरोप-प्रत्यारोप लगने शुरू हो गए हैं।

जहां मनीष सिसोदिया ने उक्त घटना के बाद भाजपा पर निशाना साधा, वहीं देवभूमि जनहित पार्टी के सुप्रीमो रुमित ठाकुर ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र के मंदिर का अपमान हुआ है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। रुमित ठाकुर ने आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब से पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आई है तब से पंजाब सहित देशभर में खालिस्तानी समर्थक सक्रिय हुए हैं। रुमित ने प्रदेश की जय राम ठाकुर व खुफिया एजेंसियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सवर्ण अपनी जायज मांगों को लेकर इन्हें काले झंडे दिखाते हैं तो इनकी खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं। लेकिन प्रदेश की सबसे महफूज जगह हिमाचल विधानसभा के मुख्य गेट पर खालिस्तानी झंडे लगा दिए जाते हैं तो इनके खुफिया तंत्र सहित सभी सरकारी तामझाम फेल साबित होता है। इस मौके रुमित ठाकुर ने खालिस्तानियों को भी ललकारते हुए कहा कि यदि औकात है तो रात के अंधेरे में चुपछुपा कर आने की बजाए दिन के उजाले में आमना-सामना करके दिखाएं।

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