प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन काल में एक पेड़ लगा कर उसकी देखभाल करे : भारती

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पेड़ पौधों का मानव जीवन हेतु प्रकृति का वरदान

मोगा (कैप्टन सुभाष चंद्र शर्मा) ब्राह्मण सभा मोगा के जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रदीप भारती ने प्रैस वार्तालाप में पौधारोपण हेतु अपने विचार व्यक्त किए।उन्होंने बताया कि वैसे तो प्रकृति मानव जीवन सुखमय बनाने हेतु प्रत्येक मौसमानुसार फल, फूल वनस्पति जड़ी बूटियाँ औषधियाँ इत्यादि पृथ्वी की गोद से उत्पन्न कर रही है। पेड़ पौधों का जहाँ पर्यावरण को शुद्ध रखने में विशेष महत्व है वहीं स्वास्थ्य/ जीवन रक्षक हेतु शुद्ध आक्सीजन भी प्रदान करते हैं। शास्त्रोंनुसार पेड़ पौधे के संरक्षण हेतु पूजा का विधान है जैसे कि पीपल को ब्रह्मा का स्वरूप मान कर पूजा अर्चना की जाती है जो कि दिन रात ठंडी छाया के साथ साथ प्रकृतिक आक्सीजन प्रदान करते हैं।

औषधीय गुणों वाले पेड़ पौधे जैसे आंवला, हरड़, बहेड़ा, नींबू ,जामुन, नीम, ऐलोवेरा, तुलसी इत्यादि अनेकों पेड़ पौधों का मानव जीवन में विशेष महत्व है। वह भी समय था जब कि घरों में हम नीम, जामुन एवं फलदार पेड़ एवं औषधीय गुणों वाले पेड़ पौधे लगा कर सुखमय जीवन व्यतीत करते थे। परंतु समय के बदलाव से पक्के मकानों में पेड़ पौधे नहीं लगा रहे जिसके फलस्वरूप शुद्ध हवा/ प्रकृतिक आक्सीजन हेतु पार्को का रूख कर रहे हैं। पेड़ पौधों के अभाव के कारण गर्मी का तापमान भी बढ़ जाता है एवं हम ऐ सी/कूलर का प्रयोग करते हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो रहा है। पहले सरकारें पीपल, बोहड़,शीशम एवं टाहली इत्यादि विरासती पेड़ो को लगाने हेतु लोगों को प्रोत्साहित करती थी। परंतु समय के साथ साथ सरकार एवं लोगों का रूझान सौंदर्यीकरण हेतु विदेशी सजावटी पेड़ पौधों की ओर केंद्रित हो रहा है जैसे कि यूकोलिपटस, गुलमोहर, कनेर इत्यादि। इस प्रकार कुछेक पेड़ पृथ्वी के निचले पानी को भी जहरीला बना कर नुकसानदायक बना रहे हैं। अब बारिश का मौसम शुरू हो रहा है। आओ इस सुहावने मौसम में पौधारोपण करके पर्यावरण के संरक्षण हेतु अपना कर्तव्य निभाएँ। सरकार से निवेदन है कि विरासती पेड़ पौधे लगाने एवं देखभाल हेतु लोगों को प्रोत्साहित करे एवं जंगलात विभाग के माध्यम से सड़कों/ नहरों नालों के किनारों एवं खुले स्थानों पर भी विरासती पेड़ अधिक से अधिक लगवा कर देखभाल एवं उनके संरक्षण हेतु सख्त आदेश दें।

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