चर्चित बिकरु कांड मामला : देश के विभिन्न कार्यक्षेत्रों के बाद यूनिवर्सिटीज में भी उठने लगी खुशी दुबे की रिहाई की मांग

छात्रा अनामिका मिश्रा ने महिला आयोग को लिखा पत्र

दिल्ली यूनिवर्सिटी के फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाली एक स्टूडेंट अनामिका मिश्रा ने खुशी दुबे को रिहा करो की मांग के साथ महिला और बाल कल्याण मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी,राष्ट्रीय महिला आयोग चेयरमैन रेखा शर्मा,NHRC, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी महिला आयोग को पत्र लिखकर रिहाई की मांग की है।

नई दिल्ली (अधिवक्ता अभय कांत मिश्रा) दिल्ली यूनिवर्सिटी के फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाली एक स्टूडेंट अनामिका मिश्रा ने खुशी दुबे को रिहा करो की मांग के साथ महिला और बाल कल्याण मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी,राष्ट्रीय महिला आयोग चेयरमैन रेखा शर्मा, नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन(NHRC),उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी महिला आयोग को एक पत्र लिखकर कानपुर के बिकरू कांड मामले में पिछले साल गिरफ्तार की गई विवाहिता खुशी दुबे की रिहाई की मांग की।

छात्रा अनामिका मिश्रा का फाइल चित्र
अनामिका मिश्रा द्वारा भेजे गए ईमेल
अनामिका मिश्रा द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए ईमेल का रिप्लाई

 

10 महीने में भी नही हुआ आरोप तय

 

अनामिका ने पत्र में कहा है कि बिकरू कांड मामले में 10 महीना पहले खुशी दुबे नामक युवती को गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त खुशी दुबे की शादी को महज नौ दिन ही हुए थे। 10 महीने बाद भी उस पर कोई आरोप तय नहीं हुआ है। इसके बावजूद उसे जेल में रखा गया है।

खुशी दुबे के विवाह की तस्वी   
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती खुशी दुबे

 

गंभीर हालत में अस्पताल में है भर्ती

उन्होंने पत्र में कहा कि खुशी गंभीर हालत में लखनऊ के अस्पताल में भर्ती है। ऐसी स्थिति में उसका बेहतर इलाज हो और अगर उस पर अब तक कोई आरोप तय नहीं हुआ है तो उसे रिहा किया जाए।

 

 

क्या पत्नी होने मात्र से हो जाता है जुर्म साबित ?

 

गौरतलब है कि पिछले साल दो-तीन जुलाई की रात माफिया सरगना विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर उसके लोगों ने गोलियां चलाई थी। इस वारदात में आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। इस मामले में दुबे का करीबी साथी अमर दुबे सात जुलाई की रात फतेहपुर के मौदहा में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। खुशी दुबे अमर की पत्नी है। उसे भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। तभी से देश में खुशी दुबे की गिरफ्तारी को लेकर सवाल खड़े हो गए थे की क्या पत्नी मात्र होने से ही जुर्म हो जाते हैं साबित ?

अब देखना यह है कि इतने लंबे अरसे से आरोप तय ना हो पाने के बावजूद सजा भुगत रही खुशी दुबे की रिहाई हो पाती है !

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