गैंगवार चित्रकूट जेल का

चित्रकूट के घाट पर ,नही चित्रकूट जेल में 🕵
आज खबर आई चित्रकूट जेल में अपराधियों के दो गुट में गैंगवार हुआ और सभी मारे गए ,
ये समाचार ही अपने आप मे बड़ा यक्ष प्रश्न है , योगी जी ने ताबड़ तोड़ आदेशों की झड़ी लगा दी सुबह तक कितने निलंबन कितने बर्खास्त होंगे ये तो कल 15 मई को ही पता चलेगा ।
किन्तु दिमाग मे एक बात नही समझ मे आई , अब गैंगवार सड़कों पर कम जेलों में ज्यादा हो रहे हैं , 2018 में इसी प्रकार की गैंगवार में मुन्ना बजरंगी नामक माफिया मारा गया जो कि विधायक कृष्णानंद राय का हत्यारा था ,
अब मरने वाले मेराज़ अहमद , जिसे भाई मेराज ईधर बनारस गाजीपुर आदि जिलों में पुकारा जाता था ,
दूसरा काले अलीगढ़ से चित्रकूट आया था , कुख्यात हत्यारा , जिसका IB ऑफिसर खान की हत्या में भी हाथ था जिसके ऊपर 60 से ज्यादा अपराधिक मुकदमे थे , वो भी मारा गया ,
इन दोनों को शार्प शूटर अंशु दीक्षित ने जेल के अंदर गोली मारी ,
और अंशु दीक्षित पुलिस की गोली खा गया , कहानी खत्म ………
लेकिन कहानी में बहुत पेच है समस्त जांच के बाद कहानी खुलेगी , बताया जाता है कि अंशू दीक्षित , मुख्तार का खास शार्प शूटर था , और मेराज़ मुख्तार के खास थे , काले के भी तार मुख्तार अंसारी से जुड़े थे ऐसी जनचर्चा है , तो फिर एक ही गैंग के लोग एक दूसरे के खून के प्यासे क्यों हो गए , वो भी जेल में ?
जो भी हो आतंक के एक अध्याय का अंत हुआ ,
अब जेल में हथियार कैसे पंहुचा ये सब तो जांच के बाद ही सामने आएगा ।
और इसके ज़िम्मेदार लोगों पर गाज गिरेगी ।
अभी प्रश्न बहुत हैं , समाचार लिखे जाने तक सभी के उत्तर नही मिले हैं , न तो मीडिया को कोई आधिकारिक रिपोर्ट अभी दी गई है , अब 15 मई को हो कुछ प्रकाश इस गैंगवार पर पड़ेगा , अभी IG , DIG Jail ने अपनी रिपोर्ट्स मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है ।
A K Pandey Chief editor
A Jagran 24×7 news

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