सरकारी डॉक्टरों का पुराना एन.पी.ए तुरंत बहाल करें सरकार: तीक्ष्ण सूद

कहा : एन.पी.ए को बेसिक पे से अलग करना सरासर धक्केशाही

होशियारपुर ,(ज्योत्सना विज) पुराना एन.पी.ए बहाल करने की मांग के लिए डॉक्टरों की चल रही स्ट्राइक के चलते पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों के साथ धक्केशाही कर रही है तथा उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।


उन्होंने कहा कि कोविड काल में डॉक्टरों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा करके लाखों जाने बचाई है तथा स्वयं को खतरे में डाला। उनके इस जज्बे को सम्मानित तथा पुरस्कृत करने की बजाय पंजाब सरकार ने गलत नीतियां अपनाते हुए उनका एन.पी.ए 25 % से घटाकर 20% करके उनके जख्मों पर नमक छिड़का है।


उन्होंने कहा कि सरकारी डॉकटरों की नियुक्ति की शर्तों में एन.पी.ए को उनकी बेसिक पे का हिस्सा माना गया है। सरकार द्वारा पहले से मिल रहे एन.पी.ए को 25% से घटाकर 20% करना व नियुक्ति की शर्तों के उल्ट जाकर उसे बेसिक पे से अलग करना असविधानिक व गैर-कानूनी भी है।


श्री सूद ने कहा कि एक जैसा काम करने वालों के लिए दो मापदंड नहीं हो सकते। केंद्र सरकार के डॉक्टर अभी भी 25 % एन.पी.ए ले रहे हैं जबकि पंजाब सरकार की नौकरी करने वाले डॉक्टरों को एन.पी.ए घटने का दंश झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आम जनता तथा बीमार लोगों की सेहत व जिंदगिओं को बचाने के लिए पंजाब सरकार को डॉक्टरों द्वारा उठाई गई सभी मांगे तुरंत माननी चाहिए, ताकि लोगों के जीवन के रक्षक सड़कों से हटकर अस्पतालों में जाकर लोगों का इलाज कर सकें।

नेशनल रिपोर्टर : ज्योत्सना विज

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