नागरिक सुरक्षा एवं ग्रह रक्षक संगठन के 59वें स्थापना दिवस पर केंद्र द्वारा हर बार की तरह इस बार भी दी केवल बधाई से बिफरे होमगार्ड के जवान

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कहा बधाई नही, वर्षों से हो रहे होमगार्डज के शोषण की रोकथाम के लिए चाहिए स्वयंसेवी एक्ट में बदलाव

डलहौजी (इंदरजीत सिंह भुल्लर) 6 दिसंबर को देश भर में नागरिक सुरक्षा एवं ग्रह रक्षक संगठन का स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। हर बार की तरह इस बार भी देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री ने स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पत्र जारी कर होमगार्ड के जवानों सहित देश को बधाई संदेश दिए।

लेकिन अपने एक्ट की कमियों के चलते देश भर में होमगार्ड के जवानों का शोषण हो रहा है। इस शोषण की रोकथाम व स्वेयसेवी एक्ट में बदलाव लाने के लिए देश भर के होमगार्ड जवानों ने समय समय पर आंदोलनो के साथ साथ कानूनी लड़ाई भी लड़ी।

लेकिन चुनावो के नजदीक आते ही राजनीतिक पार्टियां होमगार्ड के जवानों के हित में स्वयंसेवी एक्ट में बदलाव लाने तथा इन्हें रेगुलर करने के वादे तो कर जाते हैं, लेकिन सरकार बनने पर मुह मोड़ लेते हैं। ऐसे ही वादे भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता व मौजूदा प्रधानमंत्री श्री नरिंदर मोदी भी जम्मू कश्मीर की जन सभाओं में करके आ चुके हैं। लेकिन सरकार बनते ही होमगार्ड जवानों के मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षक संगठन के 59 वें स्थापना दिवस के मौके एक्ट में संशोधन की आस लगाए बैठे होमगार्ड के जवानों को तब निराशा हाथ लगी, जब इस बार भी देश के राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री व गृहमंत्री ने एक्ट में संशोधन की बात ना करते हुए एक साधरण बधाई संदेश भेज दिया।

होमगार्ड संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता जोगिंदर सिंह चोहड़िया

इस संधर्भ में होमगार्ड एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष श्री जोगिंदर सिंह चोहडिया ने देश के प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा।

राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री जोगिंदर सिंह चोहडिया द्वारा लिखा पत्र।

महोदय आपको विश्वास है कि होमगार्ड जवान सेवा भाव और प्रतिबद्धता के साथ देश व समाज के लिए निरंतर कार्य कर रहे है। और देश के संकल्पों और आवश्यकताओं की पूर्ति में एक सशक्त भूमिका निभा रहे हैं। जिसके लिए 59 स्थापना दिवस पर महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री व गृहमंत्री जी बधाई व हार्दिक शुभकामनाएं हर वर्ष दे रहे हैं।
जबकि हजारों बार पत्रकार व मीडिया के माध्यम से होमगार्ड संगठन के जवान देश के अधिकारियों व देश के जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं बारे अवगत करवाते आ रहे हैं। कि महोदय देश के राज्यों में होमगार्ड संगठन अलग-अलग नियमों के अंतर्गत चलाया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार का एक ही स्वयंसेवी एक्ट भारतवर्ष के होमगार्ड जवानों का भरपूर शोषण कर रहा है, जिसमें लाखों परिवार बर्बाद हो चुके हैं। और लाखों होमगार्ड परिवार बर्बाद होने की कगार पर खड़े है।

जो जवान कानून व्यवस्था, चुनावों, अंतर्राष्ट्रीय मेलो, आपदाओं समाज के कमजोर वर्ग, सामाजिक समरसता, कोविड-19 महामारी, देश की विकट परिस्थितियों में व आतंकवाद से लड़ते चाहे पंजाब प्रांत की बात हो या 26/ 11 बम्बई हमले की बात हो, या भारत पाकिस्तान युद्ध हो, भारत बांग्लादेश युद्ध हो, भारत चीन युद्ध हो या हैदराबाद को भारत से मिलने की बात हो देश के होमगार्ड संगठनों ने अपना अहम योगदान व अपनी कुर्बानियां व शहादते तक दी है। लेकिन किसी ने भी चाहे देश को चलाने वाले प्रतिनिधि हो या देश की मीडिया होमगार्ड जवानों का जिक्र करना उचित नहीं समझा, जो संगठन आज वर्ष 2021 में भी वर्ष 1962 की स्थिति में रखा गया है। जो आज भी 12 माह नियमित रोजगार के लिए कभी देश के अधिकारियों के पास तो कभी प्रतिनिधियों के पास मांग करता आ रहा है, पर कोई सुन नहीं रहा क्योंकि आज देश का होमगार्ड संगठन खेल प्रतियोगिता से भी वंचित कर रखा है। लोक शिकायत मंत्री जितेंद्र सिंह ने संसद में कहा था कि जिन समस्याओं में 45 दिन से ज्यादा समय के लिए नियुक्ति की जाती है वहां( ई पी एफ ) जैसी सुविधाएं दी जा रही है। देश का होमगार्ड जवान उससे भी वंचित है। क्योंकि होमगार्ड जवान आज तक अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखता आया है शायद देश की सरकारें चाहती है कि होमगार्ड जवान भी सड़कों पर उतरे तभी हमारे लिए न्याय दिलाएंगे और इस स्वयं सेवी एक्ट में संशोधन करेगी भारत सरकार।

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