जी मैं विकास हूँ , आजमगढ़-गोरखपुर वाला

आजमगढ़,हैरान न हों साहब मैं ही विकास हूँ और मेरा पता है आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग!
जी हाँ यह कोई ऐसी सड़क नहीं जो गांव की गलियों से गुजरती हो बल्कि आजमगढ़ से गोरखपुर को जाने वाली वह सङक है जिसे सरकार द्वारा राजमार्ग का दर्जा मिला हुआ है तथा प्रतिदिन इसपर हजारों छोटे बङे वाहनों को आना जाना लगा रहता है!किन्तु विडम्बना यह है कि अगर इस मार्ग से यात्रा करते समय आपने सावधानी नहीं बरती तो जाहिर है आप के रीढ़ की हड्डी या फिर आपकी दाढ़ी की हड्डी भी टूट सकती है! क्योंकि सरकार के तमाम दावों व भाषण चाहे वह फिल्म सिटी के हों या विकास माडल के यहाँ इसका कोई मतलब नहीं है क्योंकि पूरे मार्ग पर जहाँ जगह जगह गड्ढे,उग आए हैं वहीं पूरी तरह टूट चुकी सङक अब तो तालाब जैसे रूप धारण करने लगी है जो सरकार के हर दावे की हवा निकालने को काफी है!यूँ तो फिल्म सीटी और विकास माडल पर चाहे जितने करोड़ लगे व लगाए जाएं परंतु आजमगढ़ से गोरखपुर को जाने वाली सड़क की दुर्दशा देखकर तो यही लगता है कि 9 दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत ही चरितार्थ हो रही है!
इस लिये यह कहना पङ रहा है कि जब एक अदद सड़क बनाने में इतना समय लग जा रहा है तो फिल्म सिटी बनाने में कितने पंचवर्षीय जाएंगे इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता !परंतु इतना जान लें कि जब कभी आप को इस सङक पर यात्रा करनी हो तो जेब में दस से बीस हजार रुपये एक्स्ट्रा लेकर ही निकलें क्या पता गाड़ी में कब काम कराना पङ जाये!इसलिए सावधान रहें सड़कों के अच्छे दिन आ गए हैं कम से कम आजमगढ़ से गोरखपुर की सड़क के बारे में तो यही कहना उचित लग रहा है,आगे आप जाने ?

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